मां मातंगी धाम की महिमा अपार, बगलामुखी महायज्ञ रचा इतिहास….नागा साधुओं का अनुष्ठान में जमावड़ा…

मां मातंगी दिव्य धाम जी जामगांव अभनपुर में 27 जनवरी से 29 जनवरी तक आयोजित मां बगलामुखी महायज्ञ में देश के कोने कोने के साथ साथ विदेशों से भी भक्तों का आना जारी है। इसी क्रम में नागा साधुओं का भी दिव्य धाम में आना इस महाविशाल बगलामुखी महायज्ञ की दिव्यता एवं भव्यता में चार चांद लग रहा है। लगातार नागा साधुओं का इस महा विशाल बगलामुखी महायज्ञ में सम्मिलित होना इस बात का प्रमाण है की नागा साधुओं को स्वयं मां बगलामुखी यज्ञ में आहुति देने के लिए बुलाई है।

पहले दिन हजारों लोगों ने दी यज्ञ में आहुति
मां मातंगी दिव्य धाम में आयोजित मां बगलामुखी महायज्ञ के पहले दिन जो की 27 जनवरी को शुरू हुआ है और 29 तारीख तक चलेगा। इस महा विशाल महायज्ञ में पहले ही दिन हजारों की संख्या में दूर दराज से आए भक्तों ने इस महायज्ञ में आहुति देकर अपने जीवन को सफल बनाने की दिशा सार्थक पहल की।

मां के धाम का साक्षात चमत्कार
मां मातंगी दिव्य धाम में लगातार चमत्कार होते है। विदेशों से भी लगातार भक्त धाम के चमत्कार को महसूस करते है। धाम में उपस्थित दो भक्तों ने चमत्कार को बताया।बिहार से आई से मौसमी जो की महज़ 10 साल की है। जिसका 3 साल पहले अचानक से दोनों पैर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर दिया। 2 साल पहले बच्ची धाम में आई और अब बिल्कुल ठीक है।भूरू शेख जो की महाराष्ट्र से है, जिनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति काफी खराब थी। धाम से जुड़ने के बाद फिलहाल उनकी हर बाधा और समस्या दूर हो चुकी है।


धाम में गौशाला
मां मातंगी दिव्य धाम अनोखा गौशाला है। अनोखा इसलिए क्योंकि इस धाम में भारत से विलुप्त होती विभिन्न प्रजातियों की गायों को संरक्षित किया जा रहा है।

धाम की महिमा
छत्तीसगढ़ का इकलौता मां मातंगी दिव्यधाम अपने अलौकिक ऊर्जा एवं शक्ति के लिए विश्व विख्यात है। जहां भक्तों की सभी समस्याओं का इस धाम के पीठाधीश्वर डॉक्टर श्री प्रेमा साई जी महाराज भक्तों की समस्या को दिव्य चमत्कारी पर्चे पर लिखकर भक्तों की सभी समस्याओं को दूर करते हैं।

अलौकिक दिव्य शक्ति का दरबार
मां मातंगी दिव्य धाम अलौकिक शक्ति का दिव्य दरबार है। जहां पर 10 महाविद्या में से तीन महाविद्या क्रमशः मां मातंगी मां बगलामुखी मां छिन्नमस्ता के उपासक इस धाम के पीठाधीश्वर प्रेमा साई जी महाराज को इन तीन दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त है।

अस्थमा का निशुल्क इलाज
इस धाम में जानलेवा बीमारी अस्थमा का निशुल्क इलाज धुएं के माध्यम से किया जाता है। इस धाम में अस्थमा की जो दवा देने की परंपरा है उस परंपरा में तीन दिन में तीन डोज और फिर अस्थमा आजीवन के लिए खत्म हो जाता है।

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